23 जून को फगवाड़ा में सभी निजी अस्पताल बंद रहेंगे तथा आपात सेवाए ठप्प होंगी-डा.सूच,
फगवाड़ा 22 जून (शिव कौड़ा)- पंजाब सरकार द्वारा 1 जुलाई से लागू किए जाने वाले सीईए-2020 के विरोध में 23 जून को बंद के आह्वान के मद्देनजर आज आईएमए के सभी डाक्टर फगवाड़ा ब्लड बैंक में एकत्रित हुए तथा लागू किए जाने वाले कानून को काला कानून बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई। बैठक में उपस्थित सभी डाक्टर भाईचारे ने एकजुटता दिखाते हुए साफ कहा कि आईएमए ऐसे किसी कानून के लागू करने का विरोध करती रहेगी तथा इसके लिए अवश्यकता पड़ी तो संर्घष तेज किया जाएगा तथा आईएमए अध्यक्ष डा.ममता गौतम की अध्यक्षता में 23 जून को सेहत सेवाए पूरी तरह से ठप्प रखी जाएगी। इस मौके आईएमए के सीनीयर सदस्य डा.एसपीएस सूच, अध्यक्षडा.ममता गौतम, डा.एस.राजन,डा.विजय शर्मा,डा.तुषार अग्रवाल, डा.जी.बी.सिंह, डा.गुंबर,     डा.कैलाश कपूर,डा.जे.एस.विर्क,डा.मिसिज छाबड़ा,डा.हरजीत कौर,डा.इंद्रजीत सिंह,डा.अनिल टंडन आदि मौजूद थे। इस मौके पर उन्होंनें महिंगा होवेगा ईलाज,परेशान होवेगा मरीज के पोस्टर उठा रखे थे। आईएमए ने कहा कि 23 जून को सेहत सेवाए पूर्ण रुप से ठप्प रहेगी तथा आपात सेवाए भी निरस्त की गई है। उन्होंने हैरानी जताई कि सत्ता में आने से पहले इंसपैक्टरी राज का विरोध करने वाली कांग्रेस ही सत्ता में ऐसे जनविरोधी कानून को बिना सोचे समझे किसी को विश्वास में लिए बिना लागू करने जा रही है। आईएमए ने कहा कि वो पहले ही अपना रोष केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश,विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल,पंजाब एग्रो चेयरमैन जोगिंदर सिंह मान की मार्फत पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह तक पहुंचा चुके है। उन्होंने फिर पंजाब सरकार से मांग की कि सीईए-2020 को लागू करने के लिए निर्णय को को तुरंत रद्द किया जाए तथा मैडीकल सेवाओं को सुचारू करने के लिए सरकार बनते उचित कदम डाक्टरों को विश्वास में लेकर उठाए।
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Kapurthala

आईएमए के सभी डाक्टर बंद के मद्देनजर एकजुट हुए, कहा कि सरकार काला कानून लागू करने से पहले सोचे

23 जून को फगवाड़ा में सभी निजी अस्पताल बंद रहेंगे तथा आपात सेवाए ठप्प होंगी-डा.सूच,
फगवाड़ा 22 जून (शिव कौड़ा)– पंजाब सरकार द्वारा 1 जुलाई से लागू किए जाने वाले सीईए-2020 के विरोध में 23 जून को बंद के आह्वान के मद्देनजर आज आईएमए के सभी डाक्टर फगवाड़ा ब्लड बैंक में एकत्रित हुए तथा लागू किए जाने वाले कानून को काला कानून बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई। बैठक में उपस्थित सभी डाक्टर भाईचारे ने एकजुटता दिखाते हुए साफ कहा कि आईएमए ऐसे किसी कानून के लागू करने का विरोध करती रहेगी तथा इसके लिए अवश्यकता पड़ी तो संर्घष तेज किया जाएगा तथा आईएमए अध्यक्ष डा.ममता गौतम की अध्यक्षता में 23 जून को सेहत सेवाए पूरी तरह से ठप्प रखी जाएगी। इस मौके आईएमए के सीनीयर सदस्य डा.एसपीएस सूच, अध्यक्षडा.ममता गौतम, डा.एस.राजन,डा.विजय शर्मा,डा.तुषार अग्रवाल, डा.जी.बी.सिंह, डा.गुंबर,     डा.कैलाश कपूर,डा.जे.एस.विर्क,डा.मिसिज छाबड़ा,डा.हरजीत कौर,डा.इंद्रजीत सिंह,डा.अनिल टंडन आदि मौजूद थे। इस मौके पर उन्होंनें महिंगा होवेगा ईलाज,परेशान होवेगा मरीज के पोस्टर उठा रखे थे। आईएमए ने कहा कि 23 जून को सेहत सेवाए पूर्ण रुप से ठप्प रहेगी तथा आपात सेवाए भी निरस्त की गई है। उन्होंने हैरानी जताई कि सत्ता में आने से पहले इंसपैक्टरी राज का विरोध करने वाली कांग्रेस ही सत्ता में ऐसे जनविरोधी कानून को बिना सोचे समझे किसी को विश्वास में लिए बिना लागू करने जा रही है। आईएमए ने कहा कि वो पहले ही अपना रोष केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश,विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल,पंजाब एग्रो चेयरमैन जोगिंदर सिंह मान की मार्फत पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह तक पहुंचा चुके है। उन्होंने फिर पंजाब सरकार से मांग की कि सीईए-2020 को लागू करने के लिए निर्णय को को तुरंत रद्द किया जाए तथा मैडीकल सेवाओं को सुचारू करने के लिए सरकार बनते उचित कदम डाक्टरों को विश्वास में लेकर उठाए।
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