फगवाड़ा 6 अप्रैल (शिव कौड़ा)- स्थानीय पलाही गेट स्थित भगवान वाल्मीक ब्रह्मालय में राक्षस दल की ओर से प्रथम आदि गुरु परम पूज्य रत्नाकर जी महाराज का 78वां जन्म दिवस लक्ष्मण निशाचर की अध्यक्षता में मनाया गया। इस दौरान लड्डू बांटकर प्रभु रत्नाकर जी के जन्मदिवस की खुशी सांझा की गई। शाखा राक्षसेन्द्र वीर लक्की सरवटा ने कहा कि पूज्य प्रभु जी महाराज ने अपना पूरा जीवन वाल्मीकि धर्म के उत्थान के लिये अर्पण कर दिया। उन्होंने वाल्मीकि धर्म समाज की स्थापना 24 मई 1964 को की। वीर विशाल सौंधी ने अपने उद्गार प्रकट करते हुए कहा कि प्रभु रत्नाकर जी महाराज द्वारा वाल्मीकि समाज को दैनिक नित्यनेम, पावन वाल्मीकि सार शब्द, राम क्या है एवं दैनिक प्रार्थना आदि धर्म ग्रन्थों की रचना कर परमात्मा से साक्षात्कार करवाया। उन्होंने समूह वाल्मीकि समाज से पुरजोर अपील कर कहा कि प्रभु रत्नाकर जी की के आर्दशों को अपना कर अपना जीवन सफल करें। इस अवसर पर वीर हनी सौंधी, बंटी सरवटा, वीर बग्गा जी, वीर गुलशन थापर, वीर मोहित सभ्रवाल, हनी सिद्धू, आकाश सरवटा, वीरांगी सलोनी, प्रिंस सरवटा, अंकुश सरवटा, तृणमूल आदि उपस्थित थे।