कानपुर 07 जून (सुरमा पंजाब)- संस्था परिवार बाल कल्याण के क्षेत्र में विगत 38 वर्षो से सक्रीय रूप से कार्य कर रही हैं जिसके साथ ही संस्था द्वारा सुभाष चिल्ड्रेन होम को विगत 14 वर्षो से संचालित किया जा रहा है जिस क्रम में सुभाष चिल्ड्रेन होम के बच्चे एवं संस्था कार्यकर्ता मा. मुख्यमंत्री जी के एनेक्सी भवन पंचम तल पर कार्यालय में उनके विशेष आमंत्रण पर उनसे दिनांक 06 जून 2018 को मिलने गए थे जिसमें संस्था द्वारा सुभाष चिल्ड्रेन होम के बच्चों के लिए होम को अनुदान दिलाने के लिए आग्रह किया गया था/ जिस क्रम में संस्था द्वारा सुभाष चिल्ड्रेन होम को चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विसेज के अंर्तगत अनुदानित करने के लिए अनुदान सूची में शामिल करने के लिए अपना प्रस्ताव मा. मुख्यमंत्री जी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था जिसमें उनके द्वारा अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों के हित के लिए सुभाष चिल्ड्रेन होम को चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विसेज के अंर्तगत अनुदानित करने के लिए अनुदान सूची में शामिल करने के लिए आश्वासन दिया गया था लेकिन विभागीय अढचनों के कारण अभी तक इसमें कोई कार्यवाही नही हो सकी जिस कारण अनाथ, बेसहारा बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए अनुदान नही मिल सका।
ज्ञातव्य हो कि बाल कल्याण समिति कानपुर नगर द्वारा लगातार बच्चों के पुर्नवासन व आश्रय हेतु उन्हे सुभाष चिल्ड्रेन होम के लिए आदेशित किया जाता रहता है। जिसमें सुभाष चिल्ड्रेन होम के माध्यम से 2000 से अधिक बच्चों को आश्रय प्रदान कर उनका पुर्नवासन कर चुकी है।
सुभाष चिल्ड्रेन होम के प्रबंधक कमलकान्त तिवारी ने बताया कि संस्था द्वारा सुभाष चिल्ड्रेन होम के बच्चों को बिना किसी सरकारी सहायता के विगत 14 वर्षो से संचालित किया जा रहा है जिसमें बच्चांें के सर्वागीण विकास हेतु उनकी शिक्षा, रहने, खान-पान, खेलकूद आदि की समूचित व्यवस्था की जाती है जिसके साथ ही यदि संस्था को इन अनाथ, बेसहारा बच्चों के लिए अनुदान प्राप्त होगा तो उनकी और बेहतर देखभाल हो सकेगी जिस कारण संस्था द्वारा मा. मुख्यमंत्री जी से सुभाष चिल्ड्रेन होम को चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विसेज के अंर्तगत अनुदानित करने के लिए अनुदान सूची में शामिल करने के लिए आग्रह किया गया था लेकिन विभागीय अढचनों के कारण यह सम्भव नही हो सका।
साथ ही उन्होने बताया कि वर्तमान में इस समय सुभाष चिल्ड्रेन होम में 14 बच्चे आश्रित है जिनका सर्वागीण विकास के लिए संस्था द्वारा अथक प्रयास किए जा रहे है जिसके साथ ही संस्था द्वारा बच्चों को कारा के निर्देशानुसार देश व विदेश में दत्तकग्रहण भी कराए जा रहे है।